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नये तरीके से आलू की खेती कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं राकेश

गूगल से ली गयी तस्वीर

पटना : नये प्रयोग केवल तकनीक व दूसरे क्षेत्रों ही नहीं बल्कि खेती के क्षेत्र में भी करने की जरूरत है क्योंकि एक बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। लेकिन, ऐसा वृहत स्तर पर नहीं हो रहा है। अलबत्ता, कुछ किसान अपने स्तर पर नये-नये प्रयोग कर रहे हैं। 

ऐसे ही किसानों में एक हैं नालंदा के राकेश कुमार। बिल्कुल नये तरीके से खेती कर क्षमता से डेढ़ गुना अधिक आलू का उत्पादन कर नालंदा जिले के बिहारशरीफ ब्लॉक के सोहडीह के निवासी राकेश कुमार मिसाल बन गये हैं। यही नहीं, एक हेक्टेयर में 1088 क्विंटल आलू का उत्पादन कर वह विश्व रिकॉर्ड भी बना चुके हैं। 

राकेश कुमार पहले दूसरे किसानों की तरह ही पारंपरिक तरीके से  आलू-प्याज आदि की खेती किया करते थे, जिससे उन्हें बहुत कम आय होती थी। वर्ष 2007 से उन्होंने परंपरा से हटकर एकदम नये तरीके से आलू की खेती शुरू की और क्षमता से डेढ़ गुना अधिक आलू का उत्पादन करने लगे।

राकेश कुमार ने बताया, 'सामान्य तौर पर आलू की कतार 18 इंच के गैप में होती है, लेकिन मैंने 21 इंच के गैप में आलू की कतारें लगानी शुरू की। मतलब कि 21 इंच की दूरी पर एक कतार लगाते हैं। दूसरी कतार महज तीन इंच की दूरी पर होती है। इसके बाद फिर 21 इंच की दूरी पर एक कतार होती है। वहीं, आलू का बीज जब डालते हैं, तो उस वक्त बहुत ध्यान देना होता है। दो कतारों में जब आलू डाला जाता है, तो इसका खास खयाल रखना होता है कि बीज बराबरी में न हों। यानी की एक कतार में अगर एक बीज डालते हैं तो दूसरी कतार में उसके सामानांतर नहीं बल्कि थोड़ा आगे बीच डालना होगा।'


राकेश कुमार ने कहा कि इस तरह की खेती में ज्यादा खर्चा नहीं है, लेकिन उत्पादन डेढ़ गुना अधिक होता है। उन्होंने सलाह दी कि दूसरे किसान भी चाहें, तो इस तरह खेती कर खेत की उत्पादन क्षमता में इजाफा कर सकते हैं।

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